saaqi-o-waaiz men zid hai baada-kash chakkar men hai | साक़ी-ओ-वाइ'ज़ में ज़िद है बादा-कश चक्कर में है

  - Ahsan Marahravi
साक़ी-ओ-वाइ'ज़मेंज़िदहैबादा-कशचक्करमेंहै
तूब-लबपुरऔरलबडूबाहुआसाग़रमेंहै
रोकलेज़ब्तजोआँसूकिचश्म-ए-तरमेंहै
कुछनहींबिगड़ाहैअबतकघरकीदौलतघरमेंहै
दबगयाथामेरेमरनेसेजोमहशर-ख़िराम
क्यावहीख़्वाबीदा-फ़ित्नासूरत-ए-महशरमेंहै
जिसकोतूचाहेजिलादेजिसकोचाहेमारदे
वोभीतेरीबातमेंयेभीतिरीठोकरमेंहै
दिलकेमिटजानेसेजोश-ए-इश्क़घटसकताहैक्या
दिलसेक्यामतलबकियेसौदातोमेरेसरमेंहै
मानताहैआस्ताँकोतेरेका'बाऔरकौन
येहमाराहीनिशान-ए-सज्दासंग-ए-दरमेंहै
'अहसन'-ए-आवारा-क़िस्मतकीपूछोगर्दिशें
अपनेघरबैठाहुआतक़दीरकेचक्करमेंहै
  - Ahsan Marahravi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy