tumhaari lan-taraani ke karish | तुम्हारी लन-तरानी के करिश्में देखे-भाले हैं

  - Ahsan Marahravi
तुम्हारीलन-तरानीकेकरिश्मेंदेखे-भालेहैं
चलोअबसामनेजाओहमभीआँखवालेहैं
क्यूँँकररश्क-ए-दुश्मनसेख़लिशहोख़ार-ए-हसरतकी
येवोकाँटाहैजिससेपाँवमेंक्यादिलमेंछालेहैं
येसदमाजीतेजीदिलसेहमारेजानहींसकता
उन्हेंवोभूलेबैठेहैंजोउनपरमरनेवालेहैं
हमारीज़िंदगीसेतंगहोताहैअबसकोई
ग़म-ए-उल्फ़तसलामतहैतोकैदिनजीनेवालेहैं
'अमीर''दाग़'तकयेइम्तियाज़फ़र्क़था'अहसन'
कहाँअबलखनऊवालेकहाँअबदिल्लीवालेहैं
  - Ahsan Marahravi
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