zaraa sukoon bhi sehra ke pyaar ne na diya | ज़रा सुकून भी सहरा के प्यार ने न दिया

  - Ahmad Ziya
ज़रासुकूनभीसहराकेप्यारनेदिया
मुसाफ़िरोंकोहवानेपुकारनेदिया
तुझेभीदेसकेचैनवोगुलाबकेफूल
मुझेभीइज़्न-ए-तबस्सुमबहारनेदिया
जानेकितनेमराहिलकेब'अदपायाथा
वोएकलम्हाजोतूनेगुज़ारनेदिया
कहाँगएवोजोआबादथेख़राबेमें
पताकिसीकादिल-ए-बे-क़रारनेदिया
मैंआप-अपनेलिएदुश्मनोंसेबढ़करथा
'ज़िया'येदिलथामिराजिसनेहारनेदिया
  - Ahmad Ziya
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