pyaar kiya tha tum se main ne ab ehsaan jataana kya | प्यार किया था तुम से मैं ने अब एहसान जताना क्या

  - Ahmad Ziya
प्यारकियाथातुमसेमैंनेअबएहसानजतानाक्या
ख़्वाबहुईंवोप्यारकीबातेंबातोंकोदोहरानाक्या
राह-ए-वफ़ाहैहम-सफ़रोपुर-अज़्मरहोहाँतेज़चलो
चारक़दमपेमंज़िलहैअबराहसेवापसजानाक्या
संग-ज़नीत'अना-ज़नीइसदौरकाशेवाहैयारो
अपनेदिलमेंखोटनहींजबदुनियासेघबरानाक्या
मय-ख़ानेमेंदौरचलेमैंइकइकबूँदकोतरसाहूँ
साक़ीभीहैमेरीनज़रमेंशीशाक्यापैमानाक्या
मेरेदिलकोतोड़केआख़िरक्याखोयाक्यापायाहै
शहर-ए-सनममेंरहनेवालोशीशेसेटकरानाक्या
बस्तीबस्तीपर्बतपर्बतवहशतकीहैधूप'ज़िया'
चारोंजानिबवीरानीहैदिलकाइकवीरानाक्या
  - Ahmad Ziya
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy