main yuñ to nahin hai ki mohabbat men nahin tha | मैं यूँँ तो नहीं है कि मोहब्बत में नहीं था

  - Ahmad Zafar
मैंयूँँतोनहींहैकिमोहब्बतमेंनहींथा
अलबत्ताकभीइतनीमुसीबतमेंनहींथा
अस्बाबतोपैदाभीहुएथेमगरअबके
उसशोख़सेमिलनामिरीक़िस्मतमेंनहींथा
तयमैंनेकियादिनकासफ़रजिसकीहवसमें
देखातोवहीरातकीदावतमेंनहींथा
इकलहरथीग़ाएबथीजोतूफ़ान-ए-हवासे
इकलफ़्ज़थाजोख़तकीइबारतमेंनहींथा
कैफ़ियतेंसारीथींफ़क़तहिज्रतकउसके
मैंसामनेकरकिसीहालतमेंनहींथा
क्यारंगथेलहराएथेजोराह-रवीमें
क्यानूरथाजोशम-ए-हिदायतमेंनहींथा
लग़्ज़िशहुईकुछमुझसेभीतुग़्यान-ए-तलबमें
कुछवोभी'ज़फ़र'अपनीतबीअतमेंनहींथा
  - Ahmad Zafar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy