andaaz hoo-b-hoo tiri aawaaz-e-paa ka tha | अंदाज़ हू-ब-हू तिरी आवाज़-ए-पा का था

  - Ahmad Nadeem Qasmi
अंदाज़हू-ब-हूतिरीआवाज़-ए-पाकाथा
देखानिकलकेघरसेतोझोंकाहवाकाथा
इसहुस्न-ए-इत्तिफ़ाक़पेलुटकरभीशादहूँ
तेरीरज़ाजोथीवोतक़ाज़ावफ़ाकाथा
दिलराखहोचुकातोचमकऔरबढ़गई
येतेरीयादथीकिअमलकीमियाकाथा
इसरिश्ता-ए-लतीफ़केअसरारक्याखुलें
तूसामनेथाऔरतसव्वुरख़ुदाकाथा
छुपछुपकेरोऊँऔरसर-ए-अंजुमनहँसूँ
मुझकोयेमशवरामिरेदर्द-आश्नाकाथा
उट्ठाअजबतज़ादसेइंसानकाख़मीर
आदीफ़नाकाथातोपुजारीबक़ाकाथा
टूटातोकितनेआइना-ख़ानोंपेज़दपड़ी
अटकाहुआगलेमेंजोपत्थरसदाकाथा
हैरानहूँकिवारसेकैसेबचा'नदीम'
वोशख़्सतोग़रीबग़यूरइंतिहाकाथा
  - Ahmad Nadeem Qasmi
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