ik mohabbat ke evaz arz-o-sama de dooñga | इक मोहब्बत के एवज़ अर्ज़-ओ-समा दे दूँगा

  - Ahmad Nadeem Qasmi
इकमोहब्बतकेएवज़अर्ज़-ओ-समादेदूँगा
तुझसेकाफ़िरकोतोमैंअपनाख़ुदादेदूँगा
जुस्तुजूभीमिराफ़नहैमिरेबिछड़ेहुएदोस्त
जोभीदरबंदमिलाउसपेसदादेदूँगा
एकपलभीतिरेपहलूमेंजोमिलजाएतोमैं
अपनेअश्कोंसेउसेआब-ए-बक़ादेदूँगा
रुख़बदलदूँगासबाकातिरेकूचेकीतरफ़
औरतूफ़ानकोअपनाहीपतादेदूँगा
जबभीआएँमिरेहाथोंमेंरुतोंकीबागें
बर्फ़कोधूपतोसहराकोघटादेदूँगा
तूकरमकरनहींसकतातोसितमतोड़केदेख
मैंतिरेज़ुल्मकोभीहुस्न-ए-अदादेदूँगा
ख़त्मगरहोसकीउज़्र-तराशीतेरी
इकसदीतकतुझेजीनेकीदु'आदेदूँगा
  - Ahmad Nadeem Qasmi
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