apne maahol se the qais ke rishte kya kya | अपने माहौल से थे क़ैस के रिश्ते क्या क्या

  - Ahmad Nadeem Qasmi
अपनेमाहौलसेथेक़ैसकेरिश्तेक्याक्या
दश्तमेंआजभीउठतेहैंबगूलेक्याक्या
इश्क़में'आर-ए-वफ़ाकोनहींकरतानीलाम
वर्नाइदराकनेदिखलाएथेरस्तेक्याक्या
येअलगबातकिबरसेनहींगरजेतोबहुत
वर्नाबादलमिरेसहराओंपेउमडेक्याक्या
आगभड़कीतोदर-ओ-बामहुएराखकेढेर
औरदेतेरहेअहबाबदिलासेक्याक्या
लोगअशियाकीतरहबिकगएअशियाकेलिए
सर-ए-बाज़ारतमाशेनज़रआएक्याक्या
लफ़्ज़किसशानसेतख़्लीक़हुआथालेकिन
उसकामफ़्हूमबदलतेरहेनुक़्तेक्याक्या
इककिरनतकभीपहुँचीमिरेबातिनमें'नदीम'
सर-ए-अफ़्लाकदमकतेरहेतारेक्याक्या
  - Ahmad Nadeem Qasmi
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