kis jhutpute ke rang ujaalon men aa ga.e | किस झुटपुटे के रंग उजालों में आ गए

  - Ahmad Mushtaq
किसझुटपुटेकेरंगउजालोंमेंगए
टुकड़ेशफ़क़केधूपसेगालोंमेंगए
अफ़्सुर्दगीकीलयभीतिरेक़हक़होंमेंथी
पतझड़केसुरबहारकेझालोंमेंगए
उड़करकहाँकहाँसेपरिंदोंकेक़ाफ़िले
नादीदापानियोंकेख़यालोंमेंगए
हुस्न-ए-तमामथेतोकोईदेखताथा
तुमदर्दबनकेदेखनेवालोंमेंगए
काँटेसमझकेघासपेचलतारहाहूँमैं
क़तरेतमामओसकेछालोंमेंगए
कुछरत-जगेथेजिनकीज़रूरतनहींरही
कुछख़्वाबथेजोमेरेख़यालोंमेंगए
  - Ahmad Mushtaq
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