aaj ro kar to dikhaaye koi aisa rona | आज रो कर तो दिखाए कोई ऐसा रोना

  - Ahmad Mushtaq
आजरोकरतोदिखाएकोईऐसारोना
यादकरदिल-ए-ख़ामोशवोअपनारोना
रक़्सकरनाकभीख़्वाबोंकेशबिस्तानोंमें
कभीयादोंकेसुतूनोंसेलिपटनारोना
तुझसेसीखेकोईरोनेकासलीक़ाअब्र
कहींक़तरागिरानाकहींदरियारोना
रस्म-ए-दुनियाभीवहीराह-ए-तमन्नाभीवही
वहीमिलबैठकेहँसनावहीतन्हारोना
येतिरातौरसमझमेंनहींआया'मुश्ताक़'
कभीहँसतेचलेजानाकभीइतनारोना
  - Ahmad Mushtaq
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy