अजबनहींकभीनग़्माबनेफ़ुग़ाँमेरी
मिरीबहारमेंशामिलहैअबख़िज़ाँमेरी
मैंअपने-आपकोऔरोंमेंरखकेदेखताहूँ
कहींफ़रेबनहोंदर्द-मंदियाँमेरी
मैंअपनीक़ुव्वत-ए-इज़हारकीतलाशमेंहूँ
वोशौक़हैकिसँभलतीनहींज़बाँमेरी
यहीसबबहैकिअहवाल-ए-दिलनहींकहता
कहूँतोऔरउलझतीहैंगुत्थियाँमेरी
मैंअपनेइज्ज़पेनादिमनहींहूँहम-सुख़नो
हज़ार-शुक्रतबीअ'तनहींरवाँमेरी