in mausamon men naachte gaate rahenge ham | इन मौसमों में नाचते गाते रहेंगे हम

  - Ahmad Mushtaq
इनमौसमोंमेंनाचतेगातेरहेंगेहम
हँसतेरहेंगेशोरमचातेरहेंगेहम
लबसूखक्यूँँजाएँगलाबैठक्यूँँजाए
दिलमेंहैंजोसवालउठातेरहेंगेहम
अपनीरह-ए-सुलूकमेंचुपरहनामनाहै
चुपरहगएतोजानसेजातेरहेंगेहम
निकलेतोइसतरहकिदिखाईनहींदिए
डूबेतोदेरतकनज़रआतेरहेंगेहम
दुखकेसफ़रपेदिलकोरवानातोकरदिया
अबसारीउम्रहाथहिलातेरहेंगेहम
  - Ahmad Mushtaq
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