fenkte sang-e-sadaa dariyaa-e-veeraani men ham | फेंकते संग-ए-सदा दरिया-ए-वीरानी में हम

  - Ahmad Mahfuz
फेंकतेसंग-ए-सदादरिया-ए-वीरानीमेंहम
फिरउभरतेदायरा-दर-दायरापानीमेंहम
इकज़रायूँँहीबसरकरलेंगिराँ-जानीमेंहम
फिरतुम्हेंशाम-ओ-सहररक्खेंगेहैरानीमेंहम
इकहवाआख़िरउड़ाहीलेगईगर्द-ए-वजूद
सोचिएक्याख़ाकथेउसकीनिगहबानीमेंहम
वोतोकहिएदिलकीकैफ़िय्यतहीआईनाथी
वर्नाक्याक्यादेखतेइसघरकीवीरानीमेंहम
महव-ए-हैरतथेकिबे-मौसमनदीपायाबथी
बसखड़ेदेखाकिएउतरेनहींपानीमेंहम
उससेमिलनाऔरबिछड़नादेरतकफिरसोचना
कितनीदुश्वारीकेसाथआएथेआसानीमेंहम
  - Ahmad Mahfuz
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