is se pahle kahii imkaan ke meenaare par | इस से पहले कहीं इम्कान के मीनारे पर

  - Ahmad Jahangeer
इससेपहलेकहींइम्कानकेमीनारेपर
हममिलेहोंगेकिसीदूसरेसय्यारेपर
यारलबरेज़निगाहोंसेज़ियारततेरी
रौशनीआएगिरेचश्मकेअँधियारेपर
तहय्युरकेकिसीबाग़उतरजातेहैं
औरमिलतेहैंकमालातकेफ़व्वारेपर
मंज़र-ए-मिस्रमेंयाक़ूबकोयूसुफ़देखे
यूँँरहेआँखतिरेहुस्नकेनज़ारेपर
हाथजाएतबस्सुमकातिरेफूलकभी
पाँवपड़जाएकभीआहकेअंगारेपर
शोरिश-ए-सुब्हदिगर-गूँमेंसँभलनेकेलिए
हाथरखताहूँमोहब्बतकेगुहर-पारेपर
  - Ahmad Jahangeer
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy