kya roz-e-hashr doon tujhe ai daad-gar javaab | क्या रोज़-ए-हश्र दूँ तुझे ऐ दाद-गर जवाब

  - Ahmad Husain Mail
क्यारोज़-ए-हश्रदूँतुझेदाद-गरजवाब
आमाल-ना
मेंकातोहैपेशानीपरजवाब
रुकरुककेहँसकेयूँँहीतोदेफ़ित्ना-गरजवाब
देताहैऔरलुत्फ़मुझेतेराहरजवाब
किससेमिसालदूँतिरीज़ुल्फ़-ए-दराज़को
उम्र-ए-तवील-ए-ख़िज़्रहैइकमुख़्तसरजवाब
मुश्किलकेवक़्तदिलहीसेकुछमशवराकरें
क्यूँँदेंकिसीकोग़ैरसेहमपूछकरजवाब
करतेहैंसज्दानक़्श-ए-क़दमकोतमामलोग
हैख़ाना-ए-ख़ुदाकातिरीरहगुज़रजवाब
मुनकिर-नकीरपूछतेहैंडाँटडाँटकर
होंमुंतशिरहवासेतोक्यादेबशरजवाब
ख़ुल्द-ओ-सक़रकेबीचमेंहैकोईइश्क़-ए-यार
हैपुल-सिरातकायेमिरीरहगुज़रजवाब
क्यूँँसरझुकारहाहैज़राआँखतोमिला
देगीमिरेसवालकातेरीनज़रजवाब
ग़ुस्सेमेंयूँँआओकिग़ुस्साहरामहै
तुमबातहीसेबातकादोसोचकरजवाब
ज़र्रोंकीतरहख़ाकमेंहैंआशिक़ोंकेदिल
गरतूकरेसवालतोदेरहगुज़रजवाब
मैंनेकियासलामतोचिलमनमेंछुपगए
दर-पर्दादेगीअबनिगह-ए-पर्दा-दरजवाब
हंगामाहश्रकासिफ़त-ए-गर्दरहगया
तेरेख़िरामकाहुआफ़ित्ना-गरजवाब
क्याअपनेभोले-पनसेकहेंदममेंआएहो
हरबातकाजोदेतेहोअबसोचकरजवाब
क्याहोगाख़ाकहोकेसर-ए-चर्ख़जाएगा
येज़ेर-ए-पासवालवोबाला-ए-सरजवाब
लिक्खाहैमुझकोहोगयातेरालहूसफ़ेद
मैंभीलिखूँगाख़ूनसेसरफोड़करजवाब
बेहोशकरकेपूछतेहोदिलकामुद्दआ'
देताभीहैहुज़ूरकहींबे-ख़बरजवाब
ग़ुस्सेसेकुछकहूँतोवोकिसतरहचुपरहे
इकबातकाजोशामसेदेता-सहरजवाब
चितवनसेताड़जातेहैं'माइल'कामुद्दआ'
दिलमेंइधरसवालहैलबपरउधरजवाब
  - Ahmad Husain Mail
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