vo but pari hai nikaalen na baal-o-par ta'aweez | वो बुत परी है निकालें न बाल-ओ-पर ता'वीज़

  - Ahmad Husain Mail
वोबुतपरीहैनिकालेंबाल-ओ-परता'वीज़
हैंदोनोंबाज़ूपेइसकेइधरउधरता'वीज़
वोहमनहींजोहोंदीवानेऐसेकामोंसे
किसेपिलातेहोपानीमेंघोलकरता'वीज़
उठेगाफिरकलेजेमेंमीठामीठादर्द
अगरलिखेमिरेदिलपरतिरीनज़रता'वीज़
कहाँवोलोगकिजिनकेअमलकाशोहराथा
कुछइसज़मानेमेंरखतानहींअसरता'वीज़
पिलायासाँपकोपानीजोमननिकाललिया
नहानेबैठेहैंचोटीसेखोलकरता'वीज़
वहाँगयाजोकोईदिलहीभूलकरआया
रखेहैंगाड़केउसनेइधरउधरता'वीज़
पस-ए-फ़नाभीमोहब्बतकासिलसिलामिटा
तिरेगलेमेंहैऔरमेरीक़ब्रपरता'वीज़
येभेदहैकिमुर्देडरेंफ़रिश्तोंसे
बनाकेक़ब्रबनातेहैंक़ब्रपरता'वीज़
येक्याकिज़ुल्फ़मेंरक्खाहैबाँधकरमिरादिल
उसेभीघोलकेपीजाओजानकरता'वीज़
जोचाँदसेहैंबदनहैंवोचाँदतारोंमें
गुलोंमेंहैकलेंहैकलकेता-कमरता'वीज़
हुएहैंहज़रत-ए-'माइल'भीदिलमेंअबक़ाइल
कुछऐसालिखतीहैजाँतिरीनज़रता'वीज़
  - Ahmad Husain Mail
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