nahin milte vo ab to kya baat hai | नहीं मिलते वो अब तो क्या बात है

  - Ahmad Hamdani
नहींमिलतेवोअबतोक्याबातहै
यहाँख़ुदसेभीकबमुलाक़ातहे
तिरेध्यानकेसबउजालेगए
बसअबहमहैंऔरदुखभरीरातहै
हमारीतरफ़भीकभीइकनिगाह
हमेंभीबहुतनश्शा-ए-ज़ातहै
सुलगताहुआदिनजोकटभीगया
तोफिरआँचदेतीहुईरातहै
शिकायतकिसीसेतोकियाथीमगर
गिलाएकरस्म-ए-ख़राबातहै
नयादुखतोमिलताहैकिसकोयहाँ
मगरग़मकीहरशबनईरातहै
हरइकशामताज़ाउमीद-ए-विसाल
हरइकरोज़रोज़-ए-मुकाफ़ातहै
  - Ahmad Hamdani
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