gard kaisi hai ye dhuaan sa kya | गर्द कैसी है ये धुआँ सा क्या

  - Ahmad Hamdani
गर्दकैसीहैयेधुआँसाक्या
जारहाहैवोकारवाँसाक्या
होगयाकोईमेहरबाँसाक्या
रंजकाबंधगयासमाँसाक्या
तकरहेहैंख़लामेंहमकिसको
बनरहाहैवोइकनिशाँसाक्या
सिलसिलाकुछउदासियोंकाभी
जगमगाताहैकहकशाँसाक्या
हमभीअच्छेहैंदर्दभीकमहै
दिलसेउट्ठामगरधुआँसाक्या
कैसेटूटेसुकूत-ए-शाम-ए-फ़िराक़
हरतरफ़शोर-ए-बे-अमाँसाक्या
येमोहब्बतहैयाहैकोईतिलिस्म
पीछाकरताहैइकगुमाँसाक्या
  - Ahmad Hamdani
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