aankhoñ ka bhi ham se kabhi parda nahin rakha | आँखों का भी हम से कभी पर्दा नहीं रक्खा

  - Ahmad Fakhir
आँखोंकाभीहमसेकभीपर्दानहींरक्खा
मिलनेकाभीलेकिनकोईरस्तानहींरक्खा
वोज़ख़्मदिएबाद-ए-सबानेकिशजरने
पत्ताभीसर-ए-शाख़-ए-तमन्नानहींरक्खा
हमनेतोबहुतसाफ़कियाआइनादिलका
उसनेमगरआईनेमेंचेहरानहींरक्खा
दीवारउठाईअगरअल्फ़ाज़कीउसने
भूलेसेभीमा'नीकादरीचानहींरक्खा
दुनियाकेलिएबाग़लगाडालेहैं'फ़ाख़िर'
अपनेलिएइकशाख़कासायानहींरक्खा
  - Ahmad Fakhir
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