bichhad gaya tha to us ka khayal kyuuñ aaya | बिछड़ गया था तो उस का ख़याल क्यूँ आया

  - Ahmad Azeem
बिछड़गयाथातोउसकाख़यालक्यूँआया
यहीतोदुखहैकिशीशेमेंबालक्यूँआया
नईकिरनसेअभीआश्नाहुईथीज़मीं
जवाँथामहरयेइसपरज़वालक्यूँआया
जबएकबर्गअश्जार-ए-आरज़ूपेरहा
तोमस्तमौसम-ए-बाद-ए-शुमालक्यूँआया
हरआरज़ूहुईक्यूँउसकीबज़्ममेंघाइल
हरएकख़्वाबवहाँसेनिढालक्यूँआया
अगरनहींहैतुझेरंजबे-वफ़ाईका
तोतेरेलहजेमेंइतनामलालक्यूँआया
  - Ahmad Azeem
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