sirf zinda hi nahin hosh sambhaale hue hain | सिर्फ़ ज़िंदा ही नहीं होश सँभाले हुए हैं

  - Ahmad Azeem
सिर्फ़ज़िंदाहीनहींहोशसँभालेहुएहैं
आपकोदश्तमेंया'नीअभीहफ़्तेहुएहैं
कौनचाहेगादरख़्तउसकेसमर-बारहों
तूबनेइसलिएहमख़ुदकोमिटाएहुएहैं
येजोबच्चेहैंफ़क़तझूलानहींझूलरहे
शाख़पेफूलकीमानिंदयेलटकेहुएहैं
इनदरख़्तोंकेफ़वाएदकातुम्हेंइल्मनहीं
उनकोमतकाटोयेबाबाकेलगाएहुएहैं
मैंबहुतख़ुशथामुझेउसनेबुलायाहै'अज़ीम'
परयहाँजितनेहैंसबउसकेबुलाएहुएहैं
  - Ahmad Azeem
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