raah pur-khaar hai kya hona hai | राह पुर-ख़ार है क्या होना है

  - Ahamd Raza Khan Raza
राहपुर-ख़ारहैक्याहोनाहै
पाँवअफ़गारहैक्याहोनाहै
कामज़िंदाँकेकिएऔरहमें
शौक़-ए-गुलज़ारहैक्याहोनाहै
जानहलकानहुईजातीहै
बारसाबारहैक्याहोनाहै
पारजानाहैनहींमिलतीनाव
ज़ोरपरधारहैक्याहोनाहै
रौशनीकीहमेंआदतऔरघर
तीरा-ओ-तारहैक्याहोनाहै
बीचमेंआगकादरियाहाएल
क़स्दउसपारहैक्याहोनाहै
साथवालोंनेयहींछोड़दिया
बे-कसीयारहैक्याहोनाहै
आख़िरीदीदहैआओमिललें
रंजबे-कारहैक्याहोनाहै
दिलहमेंतुमसेलगानाहीथा
अबसफ़रबारहैक्याहोनाहै
क्यूँँ'रज़ा'कुढ़तेहोहँसतेउट्ठो
जबवोग़फ़्फ़ारहैक्याहोनाहै
  - Ahamd Raza Khan Raza
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