narm resham si mulaayem kisi makhmal ki tarah | नर्म रेशम सी मुलाएम किसी मख़मल की तरह

  - Aghaz Buldanvi
नर्मरेशमसीमुलाएमकिसीमख़मलकीतरह
सर्दरातोंमेंतिरीयादहैकम्बलकीतरह
मैंज़मानेसेउलझसकताहूँउसकीख़ातिर
जोसजाताहैमुझेआँखमेंकाजलकीतरह
कोईसागरकहींप्यासाजोनज़रआएतो
हमबरसतेहैंवहींटूटकेबादलकीतरह
ख़ूब-सूरतथीयेकश्मीरकीवादीजैसी
ज़िंदगीतेरेबिनालगतीहैचंबलकीतरह
शहरकीआब-ओ-हवानेमिरेबच्चेछीने
मैंअकेलाहीरहागाँवकेपीपलकीतरह
  - Aghaz Buldanvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy