chaahaton ka mirii asar bhi ho | चाहतों का मिरी असर भी हो

  - Aghaz Buldanvi
चाहतोंकामिरीअसरभीहो
आगजोहैइधरउधरभीहो
रौशनीकापताकरोयारो
रातहैतोकहींसहरभीहो
येनज़ारेजोदेखे-भालेहैं
कुछहमारीनईनज़रभीहो
क़ैदहैजोकहींदीवारोंमें
उसख़ुशीकीहमेंख़बरभीहो
जश्नहैजोउधरबहारोंका
वोख़ुशीकासमाँइधरभीहो
ज़िंदगीकेसफ़रमेंआग़ाज़
हम-सफ़रकोईमो'तबरभीहो
  - Aghaz Buldanvi
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