log milte bichhadte rahte hain | लोग मिलते बिछड़ते रहते हैं

  - Aghaz Buldanvi
लोगमिलतेबिछड़तेरहतेहैं
रिश्तेबनतेबिगड़तेरहतेहैं
येनएरास्तेहैंचाहतके
आएदिनजोउखड़तेरहतेहैं
ग़मकरदिलकेटूटजानेका
येचमनतोउजड़तेरहतेहैं
हैज़मानानईरिवायतका
लोगबाहमझगड़तेरहतेहैं
दिलरफ़ूकबतलककरोगेतुम
कच्चेधागेउधड़तेरहतेहैं
बहतेरहतेहैंअश्कआँखोंसे
औरगुनहमेरेझड़तेरहतेहैं
प्यारजबभीजतानाहोताहै
मुझसे'आग़ाज़'लड़तेरहतेहैं
  - Aghaz Buldanvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy