hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Afzal Sultanpuri
likhe ne lekh kismat ne mirii ta jaan jaani aye
likhe ne lekh kismat ne mirii ta jaan jaani aye | लिखे ने लेख किस्मत ने मिरी ता जान जानी अए
- Afzal Sultanpuri
लिखे
ने
लेख
किस्मत
ने
मिरी
ता
जान
जानी
अए
किसे
दस
दाँ
किसे
कह
दाँ
तिरी
ता
मैं
दीवानी
अए
- Afzal Sultanpuri
Download Sher Image
ज़्यादा
मीठा
हो
तो
चींटा
लग
जाता
है
सच्चे
इश्क़
को
अक्सर
बट्टा
लग
जाता
है
हमने
अपनी
जान
गंवाई
तब
जाना
भाव
मिले
तो
कुछ
भी
सट्टा
लग
जाता
है
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
27 Likes
मैंने
अपनी
ग़ज़लें
खारिज
कर
डाली
सोचो
मेरी
जान
तुम्हारा
क्या
होगा
Talib Toofani
Send
Download Image
24 Likes
पत्थर
के
ख़ुदा
पत्थर
के
सनम
पत्थर
के
ही
इंसाँ
पाए
हैं
तुम
शहर-ए-मोहब्बत
कहते
हो
हम
जान
बचा
कर
आए
हैं
Sudarshan Fakir
Send
Download Image
44 Likes
वरना
तो
बेवफ़ाई
किसे
कब
मुआ'फ़
है
तू
मेरी
जान
है
सो
तुझे
सब
मुआ'फ़
है
क्यूँ
पूछती
हो
मैंने
तुम्हें
माफ़
कर
दिया
ख़ामोश
हो
गया
हूँ
मैं
मतलब
मुआ'फ़
है
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
64 Likes
यूँँ
तो
रुस्वाई
ज़हर
है
लेकिन
इश्क़
में
जान
इसी
से
पड़ती
है
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
66 Likes
बहुत
पहले
से
उन
क़दमों
की
आहट
जान
लेते
हैं
तुझे
ऐ
ज़िंदगी
हम
दूर
से
पहचान
लेते
हैं
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
58 Likes
बोसा
लिया
जो
उस
लब-ए-शीरीं
का
मर
गए
दी
जान
हम
ने
चश्मा-ए-आब-ए-हयात
पर
Ameer Minai
Send
Download Image
27 Likes
पहले
तो
तुम्हें
जान
पुकारेंगे
यही
लोग
फिर
ख़ुद
ही
तुम्हें
जान
से
मारेंगे
यही
लोग
मुँह
पर
तो
बड़े
फ़ख्र
से
ता'ईद
करेंगे
फिर
पीठ
में
खंज़र
भी
उतारेंगे
यही
लोग
Read Full
Ashraf Ali
Send
Download Image
7 Likes
मेरी
ही
जान
के
दुश्मन
हैं
नसीहत
वाले
मुझ
को
समझाते
हैं
उन
को
नहीं
समझाते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
Send
Download Image
22 Likes
एक
नया
'आशिक़
है
उसका,
जान
छिड़कता
है
उसपर
मुझको
डर
है
वो
भी
इक
दिन
मय-ख़ाने
से
निकलेगा
Siddharth Saaz
Send
Download Image
54 Likes
Read More
चाहता
तो
था
उधर
मैं
भी
नज़र
कर
देखना
आइना
जब
देखना
तुम
सज
सँवर
कर
देखना
उस
गली
से
आ
रहा
हूँ
बस
ज़रा
भर
देख
कर
मैं
यही
तो
चाहता
हूँ
फिर
गुज़र
कर
देखना
कर
रहा
था
घाव
दिल
पर
साथ
में
ख़ामोश
था
मैं
बताता
हूँ
तुम्हें
तुम
उस
पे
मर
कर
देखना
अब
सुकूँ
जो
ढूंढते
हो
यार
तुम
ऐसा
करो
देखना
फिर
तुम
कभी
अफ़ज़ल
सुधर
कर
देखना
Read Full
Afzal Sultanpuri
Download Image
3 Likes
तेरे
ग़म
से
नजात
मिल
जाए
और
तुझको
हयात
मिल
जाए
आज
कल
बदले
बदले
तेवर
हैं
काश
तुम
से
ही
मात
मिल
जाए
साफ़
इनकार
करना
बनता
है
चाहे
नहर-ए-फ़ुरात
मिल
जाए
लौटकर
एक
दिन
तू
आएगा
है
दु'आ
तेरा
साथ
मिल
जाए
बैठकर
बात
कर
रहे
थे
हम
काश
वैसी
ही
रात
मिल
जाए
तू
अगर
मिल
नहीं
सका
हमदम
क्या
मज़ा
कायनात
मिल
जाए
Read Full
Afzal Sultanpuri
Download Image
2 Likes
तुम्हीं
से
हूँ
अभी
ज़िंदा
तुम्हीं
में
जी
रहा
हूँ
मैं
मोहब्बत
ज़हर
है
जानी
इसे
अब
पी
रहा
हूँ
मैं
मुझे
ख़ामोश
रहने
दो
यक़ीनन
बद
दु'आ
मैं
हूँ
लबों
को
आज
फिर
अपने
सही
से
सी
रहा
हूँ
मैं
मुझे
मरहम
बना
लेती
मगर
वो
भूल
जाती
थी
नमक
था
जिस्म
पर
उसके
जले
पर
घी
रहा
हूँ
मैं
Read Full
Afzal Sultanpuri
Download Image
3 Likes
मजाज़ी
शा'इरी
करने
लगे
थे
हक़ीक़त
ज़िन्दगी
करने
लगे
थे
Afzal Sultanpuri
Send
Download Image
11 Likes
छोड़कर
मुझको
गया
इस
में
गया
क्या
आपका
रो
रहा
मैं
चीख़
कर
इस
में
नफ़ा
क्या
आपका
काम
आता
है
हमेशा
से
वही
हम
लोग
के
है
मेरा
ये
है
तेरा
ये
है
ख़ुदा
क्या
आपका
Read Full
Afzal Sultanpuri
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Hug Shayari
Friendship Shayari
Shaheed Shayari
Dua Shayari
Wajood Shayari