vaqt ke toofaani saagar men krodh kapatt ke rele hain | वक़्त के तूफ़ानी सागर में क्रोध कपट के रेले हैं

  - Afzal Parvez
वक़्तकेतूफ़ानीसागरमेंक्रोधकपटकेरेलेहैं
लेकिनआसकेमाँझीहरलहज़ामौजोंसेखेलेहैं
पगपगकाँटेमंज़िलोंसहराकोसोंजंगलबेलेहैं
सफ़र-ए-ज़ीस्तकठिनहैयारोराहमेंलाखझमेलेहैं
अलखजमाएधूनीरमाएध्यानलगाएरहतेहैं
प्यारहमारामस्लकहैहमप्रेम-गुरुकेचेलेहैं
राहज़नोंसेघबराकरसबसाथीसंगतछोड़गए
औरपुर-ख़ौफ़डगरपरगर्म-ए-सफ़रहमआजअकेलेहैं
हुस्नकीदौलतउसकीहैऔरवस्लकीइशरतभीउसकी
जिसनेपलपलहिज्रमेंकाटाजौरसहेदुखझेलेहैं
बाज़ीगाह-ए-दार-ओ-रसनमेंमय-कदा-ए-फ़िक्र-ओ-फ़नमें
हमरिंदोंसेरौनक़हैहमदरवेशोंसेमेलेहैं
जीवनकीकोमलअबलाकास्वयंवररचनेवालाहै
आओसला-ए-आमहैसबकोजितनेभीअलबेलेहैं
  - Afzal Parvez
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