raah bhola hooñ magar ye mirii khaami to nahin | राह भोला हूँ मगर ये मिरी ख़ामी तो नहीं

  - Afzal Khan
राहभोलाहूँमगरयेमिरीख़ामीतोनहीं
मैंकहींऔरसेआयाहूँमक़ामीतोनहीं
ऊँचालहजाहैफ़क़तज़ोर-ए-दलाएलकेलिए
मिरीजाँयेमिरीतल्ख़-कलामीतोनहीं
उनदरख़्तोंकोदु'आदोकिजोरस्तेमेंथे
जल्दीआनेकासबबतेज़-ख़िरामीतोनहीं
तेरीमसनदपेकोईऔरनहींसकता
येमिरादिलहैकोईख़ालीअसामीतोनहीं
मैंहमा-वक़्तमोहब्बतमेंपड़ारहताथा
फिरकिसीदोस्तसेपूछायेग़ुलामीतोनहीं
बरतरीइतनीभीअपनीजतामिरेइश्क़
तू'नदीम'-ओ-'ज़की''काशिफ़'-ओ-'कामी'तोनहीं
  - Afzal Khan
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