vo jo ik shaKHs vahaañ hai vo yahaañ kaise ho | वो जो इक शख़्स वहाँ है वो यहाँ कैसे हो

  - Afzal Khan
वोजोइकशख़्सवहाँहैवोयहाँकैसेहो
हिज्रपरवस्लकीहालतकागुमाँकैसेहो
बे-नुमूख़्वाबमेंपैवस्तजड़ेंहैंमेरी
एकगमलेमेंकोईनख़्लजवाँकैसेहो
तुमतोअल्फ़ाज़केनश्तरसेभीमरजातेथे
अबजोहालातहैंअहल-ए-ज़बाँकैसेहो
आँखकेपहलेकिनारेपेखड़ाआख़िरीअश्क
रंजकेरहम-ओ-करमपरहैरवाँकैसेहो
भाव-तावमेंकमीबेशीनहींहोसकती
हाँमगरतुझसेख़रीदारकोनाँकैसेहो
मिलतेरहतेहैंमुझेआजभी'ग़ालिब'केख़ुतूत
वहीअंदाज़-ए-तख़ातुबकिमियाँकैसेहो
  - Afzal Khan
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