us lamhe tishna-lab ret bhi paani hoti hai | उस लम्हे तिश्ना-लब रेत भी पानी होती है

  - Afzal Khan
उसलम्हेतिश्ना-लबरेतभीपानीहोतीहै
आँधीचलेतोसहरामेंतुग़्यानीहोतीहै
नस्रमेंजोकुछकहनहींसकताशे'रमेंकहताहूँ
इसमुश्किलमेंभीमुझकोआसानीहोतीहै
जानेक्याक्याज़ुल्मपरिंदेदेखकेआतेहैं
शामढलेपेड़ोंपरमर्सिया-ख़्वानीहोतीहै
इश्क़तुम्हाराखेलहैबाज़आयाइसखेलसेमें
मेरेसाथहमेशाबे-ईमानीहोतीहै
क्यूँँअपनीतारीख़सेनालाँहैंइसशहरकेलोग
ढहदेतेहैंजोता'मीरपुरानीहोतीहै
येनुक्ताइकक़िस्सा-गोनेमुझकोसमझाया
हरकिरदारकेअंदरएककहानीहोतीहै
इतनीसारीयादोंकेहोतेभीजबदिलमें
वीरानीहोतीहैतोहैरानीहोतीहै
  - Afzal Khan
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