bahut na hausla-e-izz-o-jaah mujh se hua | बहुत न हौसला-ए-इज़्ज़-ओ-जाह मुझ से हुआ

  - Afzal Ahmad Syed
बहुतहौसला-ए-इज़्ज़-ओ-जाहमुझसेहुआ
फ़क़तफ़राज़-ए-नगीन-ओ-निगाहमुझसेहुआ
चराग़-ए-शबनेमुझेअपनेख़्वाबमेंदेखा
सितारा-ए-सहरीख़ुश-निगाहमुझसेहुआ
गिरफ़्त-ए-कूज़ासेइकख़ाकमेरीसम्तबढ़ी
सफ़-ए-सराबकोईसद्द-ए-राहमुझसेहुआ
शब-ए-फ़साना-ओ-फर्संगउससेमिलआया
जोमावरा-ए-सफ़ेद-ओ-सियाहमुझसेहुआ
सर-ए-गुरेज़-ओ-गुमाँउसनेइम्तिहानलिया
जोहम-कनारमिराकम-निगाहमुझसेहुआ
कमान-ए-ख़ाना-ए-अफ़्लाककेमुक़ाबिलभी
मैंउससेऔरवोफिरकज-कुलाहमुझसेहुआ
जोसैल-ए-हिजरत-ए-गुलथामिरेक़दमसेरुका
कमंदलम्हा-ए-सद-इश्तिबाहमुझसेहुआ
नियाम-ज़दहुईमुझसेतेग़-ए-हैरानी
शिकस्त-ए-आइना-ए-इंतिबाहमुझसेहुआ
  - Afzal Ahmad Syed
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