ek ujli umang udaai thii | एक उजली उमंग उड़ाई थी

  - Afzaal Naveed
एकउजलीउमंगउड़ाईथी
हमनेतुमनेपतंगउड़ाईथी
शामबारिशमेंतेरेचेहरेसे
अब्रनेक़ौस-ए-रंगउड़ाईथी
मैंनेबचपनकीख़ुशबू-ए-नाज़ुक
एकतितलीकेसंगउड़ाईथी
अपनीहीअज़-रह-ए-तफ़न्नुन-ए-तबअ'
धज्जी-ए-नाम-ओ-नंगअड़ाईथी
ख़्वाबनेकिसख़ुमारकीख़ाशाक
दरमियान-ए-पलंगउड़ाईथी
कोईबैरूनीआँचथीजिसने
अंदरूनीतरंगउड़ाईथी
छीनकरएकदूसरेकीबक़ा
हमनेतज़हीक-ए-जंगउड़ाईथी
एहतिमाम-ए-धमालखोबैठा
किसनेख़ाक-ए-मलंगउड़ाईथी
मेरेचारोंतरफ़लबोंकीधनक
उसनेलगतेहीअंगउड़ाईथी
हमनेपूछानहींहमारीअना
किससेहोकरदबंगउड़ाईथी
फुलझड़ीथीकितेरेकूचेमें
तानगाकरतलंगउड़ाईथी
ख़ुदसेथाबैरपानीमेंरहकर
हमनेमौज-ए-नहंगउड़ाईथी
एकदिनहमनेहाथफैलाकर
चादर-पा-ए-तंगउड़ाईथी
परख़चेचारोंओरबिखरेथे
इकबदननेसुरंगउड़ाईथी
फेंककरअपनेदोस्तोंकीतरफ़
इज़्ज़-ओ-जाह-ए-ख़दंगउड़ाईथी
ज़ाइक़ाजासकामुँहसे'नवेद'
दावत-ए-शोख़-ओ-शंगउड़ाईथी
  - Afzaal Naveed
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