दिखाईदेकिशुआ-ए-बसीरखींचताहूँ
ग़ुबारखींचजिगरकालकीरखींचताहूँ
दिखाईदेताहूँतन्हासफ़ीनेमेंलेकिन
किनारेलगतेहीजम्म-ए-ग़फ़ीरखींचताहूँ
मिरेजिलौसेकोईकहकशाँनहींबचती
मैंखींचनेपेजोआऊँअख़ीरखींचताहूँ
उमडपड़ीहैजोयकसरख़िज़ाँकेधारेसे
गुलाबी-ए-निगह-ए-ना-गुज़ीरखींचताहूँ
फ़िशारपड़ताहैगहराकोईरग-ओ-पैमें
कलीकलीसेसुबू-ए-अबीरखींचताहूँ
किजैसेख़ुदसेमुलाक़ातहोनहींपाती
जहाँसेउट्ठाहुआहैख़मीरखींचताहूँ
हज़ारोंआइनेहरलहज़ाख़ालीहोतेहैं
पलटपलटकेवहीअक्स-ए-पीरखींचताहूँ
मुफ़ाहमतसेजोहदपारहोतोहोजाए
बँधाहुआरग-ए-जाँसेज़मीरखींचताहूँ
जिनआसमानोंमेंसय्याल-ए-वक़्तसाकितहै
कमंदडालवहाँजू-ए-शीरखींचताहूँ
मगरहवा-ओ-हवसपरहीख़र्चहोजाए
हरएकझोंकेसेबाद-ए-कसीरखींचताहूँ
इरादेभाँपतिरेजाधड़कताहैदरपर
पड़ाहुआपस-ए-ज़िंदाँअसीरखींचताहूँ
बग़ैरभेदनअन-होनीसेबचाजाए
पलटकेआताहैअक्सरजोतीरखींचताहूँ
तिलिस्म-ए-ज़ुल्फ़हिफ़ाज़तकापिंजराहोजैसे
मज़ेजहानकेहोकरअसीरखींचताहूँ
येदेखकार-ए-जहाँनेनधज्जियाँछोड़ीं
तिरीगलीकीतरफ़अबशरीरखींचताहूँ
'नवेद'करतोदियाशहर-ए-आइनापामाल
अबअंदरूनीसफ़-ए-दार-ओ-गीरखींचताहूँ