hai usii shahar ki galiyon men qayaam apna bhi | है उसी शहर की गलियों में क़याम अपना भी

  - Afzaal Naveed
हैउसीशहरकीगलियोंमेंक़यामअपनाभी
एकतख़्तीपेलिखारहताहैनामअपनाभी
भीगतीरहतीहैदहलीज़किसीबारिशमें
देखतेदेखतेभरजाताहैजामअपनाभी
एकतोशामकीबे-मेहरहवाचलतीहै
एकरहताहैतिरेकूमेंख़िरामअपनाभी
कोईआहटतिरेकूचेमेंमहकउठतीहै
जागउठताहैतमाशाकिसीशामअपनाभी
एकबादलहीनहींबार-ए-गराँसेनालाँ
सरगिराँरहताहैइकज़ोरकलामअपनाभी
कोईरस्तामिरेवीरानेमेंजाताहै
उसीरस्तेसेनिकलताहैदवामअपनाभी
एकदिलहैकिजिसेयादहैंबातेंअपनी
एकमयहैकिजिसेरासहैजामअपनाभी
यूँँहीलोगोंकेपस-ओ-पेशमेंचलतेचलते
गर्दउड़तीहैबिखरजाताहैनामअपनाभी
मुब्तलाकार-ए-शब-ओ-रोज़मेंहैशहर'नवेद'
औरइसीशहरमेंगुमहैकोईकामअपनाभी
  - Afzaal Naveed
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