aadhon ki taraf se kabhi paunon ki taraf se | आधों की तरफ़ से कभी पौनों की तरफ़ से

  - Adil Mansuri
आधोंकीतरफ़सेकभीपौनोंकीतरफ़से
आवाज़ेकसेजातेहैंबौनोंकीतरफ़से
हैरतसेसभीख़ाक-ज़दादेखरहेहैं
हररोज़ज़मींघटतीहैकोनोंकीतरफ़से
आँखोंमेंलिएफिरतेहैंइसदर-बदरीमें
कुछटूटेहुएख़्वाबखिलौनोंकीतरफ़से
फिरकोईअसादेकिवोफुंकारतेनिकले
फिरअज़दहेफ़िरऔनकेटोनोंकीतरफ़से
तूवहम-ओ-गुमाँसेभीपरेदेताहैसबको
होजाताहैपलभरमेंहोनोंकीतरफ़से
बातोंकाकोईसिलसिलाजारीहोकिसीतौर
ख़ामोशीहीख़ामोशीहैदोनोंकीतरफ़से
फिरबा'दमेंदरवाज़ादिखादेतेहैं'आदिल'
पहलेवोउठातेहैंबिछौनोंकीतरफ़से
  - Adil Mansuri
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