ye lapat abhii to chali chali hai abhii se isko hawa na de | ये लपट अभी तो चली चली है अभी से इसको हवा न दे

  - Prashant Kumar
येलपटअभीतोचलीचलीहैअभीसेइसकोहवादे
मुझेइसतरहसेनवाज़देकोईमुस्कुराकेदु'आदे
सरशामजलताहुआदियाकईमुद्दतोंमेंदिखाइधर
मुझेडरहैतोइसीबातकाकोईआँधियोंकोबतादे
गुलाबहूँशबाबहूँकोईखौलतीहुईआगहूँ
तूझुलसजाएकहींमुझेचुनरीसेऐसेहवादे
वोहसानशाख़गुलाबहैजोचराग़टूटाजलारही
मिरीफ़िक्रमेंहैलगीहुईकहींहाथलौपेलगादे
कभीकोईजामदिखादियाकभीमय-कदेसेभगादिया
तिराज़ुल्मरोज़कासाक़ियामिरीतिश्नगीकोसुलादे
  - Prashant Kumar
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