kya baat ho gaii thii kal aakar chale ga.e | क्या बात हो गई थी कल आकर चले गए

  - Prashant Kumar
क्याबातहोगईथीकलआकरचलेगए
दिलछोड़रूहतकमेंसमाकरचलेगए
उठनेकहाँदियाथाकिसीकीनिगाहमें
वोतोज़रासीबातगिराकरचलेगए
जिनकोपकड़केहाथबराबरबिठालिया
वोलोगकलहमींकोउठाकरचलेगए
वाक़िफ़नहींथाकोईभीहालातसेमिरे
अहवालक्याथातुमहीसुनाकरचलेगए
हमथेइसीभरममेंकिआओगेअबज़रूर
दामनहीयारतुमतोबचाकरचलेगए
  - Prashant Kumar
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