tumhaari nazar ne siyaasat nahin kii | तुम्हारी नज़र ने सियासत नहीं की

  - Prashant Kumar
तुम्हारीनज़रनेसियासतनहींकी
तभीतोकिसीसेमोहब्बतनहींकी
अरेदुश्मनीभीमोहब्बतसेकीहै
मगरदुश्मनोंसेमोहब्बतनहींकी
अरेदर्द-ए-दिलभीख़ुशीसेलियाहै
मोहब्बतकेपीछेबग़ावतनहींकी
रफ़ाक़तसेतोकीहैहमने'अदावत
मगरदोस्तोंसे'अदावतनहींकी
मोहब्बतभीकीहमनेनफ़रतभीकीहै
किसीचीज़कीपरतिजारतनहींकी
  - Prashant Kumar
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