tujhe dekhooñ tujhe sochun tiri fariyaad karta hooñ | तुझे देखूँ तुझे सोचूँ तिरी फ़रियाद करता हूँ

  - Prashant Kumar
तुझेदेखूँतुझेसोचूँतिरीफ़रियादकरताहूँ
अरेमैंखानापीनाभीतिरेहीबादकरताहूँ
ज़मानातोमुझेबर्बादकरनेपरतुलारहता
मगरमैंइसज़मानेकोसदाआबादकरताहूँ
अगरमैंज़िंदगीकीउलझनोंमेंक़ैदहूँतोक्या
घड़ीभरहीसहीलेकिनतुझेतोयादकरताहूँ
जिधरदेखोउधरअश'आरकीतौहीनहोतीहै
इसीचक्करमेंख़ुदहीशे'रपरइरशादकरताहूँ
वहीतोग़ैरबनकरकेमुझेबर्बादकरतेहैं
जिन्हेंमैंदोस्तबनकरकेसदाआबादकरताहूँ
  - Prashant Kumar
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