kal raat se mehfil men pareshaan sa kyun hai | कल रात से महफ़िल में परेशान सा क्यूँँ है

  - Prashant Kumar
कलरातसेमहफ़िलमेंपरेशानसाक्यूँँहै
इकशख़्समुझेदेखकेहैरानसाक्यूँँहै
मैंनेतोउसेअम्नकापैग़ामदियाथा
फिरमेरेइधरजंगकाऐलानसाक्यूँँहै
जोशख़्सकभीढंगसेइंसाननहींथा
वोआजनज़रमेंतिरीभगवानसाक्यूँँहै
तूनेहीकहाथाकिसीजन्नतसेनहींकम
अबबोलघरौंदातिराशमशानसाक्यूँँहै
महताबकामहताबहैतूमैंनेसुनाथा
येनैनमटक्कातिराइंसानसाक्यूँँहै
  - Prashant Kumar
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