mohabbat ko khatre men daala gaya hai | मोहब्बत को ख़तरे में डाला गया है

  - Prashant Kumar
मोहब्बतकोख़तरेमेंडालागयाहै
हवाओंमेंसिक्काउछालागयाहै
यहाँदूरतकबस्तियाँभीनहींहैं
तोफिरकौनकरकेउजालागयाहै
किमाँनेतोअहल-ए-ज़मींकोसँभाला
मगरमाँकोकिससेेसँभालागयाहै
हैख़ामोशआँगनहैचौखटभीसूनी
किसीकोतोघरसेनिकालागयाहै
उसीसाँपकीकररहेपूजाजिसके
अभीतनसेभालानिकालागयाहै
फ़लकसेभीऊँचाहैसायापिताका
ख़ुदाकाभीइस
मेंशिवालागयाहै
अगरतुमनहींहोतेभूखाहीमरता
तुम्हारीवजहसेनिवालागयाहै
  - Prashant Kumar
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