masjid bhi hil gaiin are mandir bhi hil ga.e | मस्जिद भी हिल गईं अरे मंदिर भी हिल गए

  - Prashant Kumar
मस्जिदभीहिलगईंअरेमंदिरभीहिलगए
अल्लाहकेगलेसेजोभगवानमिलगए
चलकमसेकमकिज़िंदगीतुझकोतोमिलगई
हमतोजनमसेपहलेहीमिट्टीमेंमिलगए
येलोगकैसेज़िंदगीजीलेतेचारदिन
हमतोबसएकपलमेंहीबक्सेमेंसिलगए
फिरहाथसेहीक़ौमकेतलवारगिरगई
सबलोगसाथमेंजभीकाबेमेंमिलगए
चीखेंउठीहैंभूखसेऐसीफ़क़ीरकी
दैर-ओ-हरमकीनींवकेपत्थरभीहिलगए
मंज़ूरहैंशुरूसेग़म-अंगेज़हीमुझे
फिरक्यूँँइधरगुज़रकेतिरेग़म-गुसिलगए
जिनकोकभीजहाननेमिलनेनहींदिया
वोदिलख़ुदाकेशुक्रसेजन्नतमेंमिलगए
ढूँढेथेहमख़ुदाकोपूछोकहाँकहाँ
लुटतेहुएकिक़ाफ़िलोंमेंवोभीमिलगए
ग़ैरोंकेजुर्मसेकभीअपनोंकीमारसे
जीतेजीमिलनहींसकेजन्नतमेंमिलगए
हरदमहुएहैंजुर्ममोहब्बतकेफूलोंपर
जोखिलनहींसकेयहाँजन्नतमेंखिलगए
ऐसेभीलोगथेमिलेदुनियाकीभीड़में
ख़ुदटाँकेकाटकरमिरेज़ख़्मोंकोसिलगए
  - Prashant Kumar
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