sanwarne men jinko zamaane lage hain | सँवरने में जिनको ज़माने लगे हैं

  - Prashant Kumar
सँवरनेमेंजिनकोज़मानेलगेहैं
वोहमकोदुबारामिटानेलगेहैं
हमींनेसिखायाहुनरज़िंदगीका
हमींपरवोउँगलीउठानेलगेहैं
ख़द-ओ-ख़ालपरदुश्मनोंकोतोछोड़ो
मिरेदोस्तभीमुस्कुरानेलगेहैं
दरीचामोहल्लातूसबकुछसजादे
मिरेचाहनेवालेआनेलगेहैं
मुहब्बतकामौसमकिफिरगयाचल
तुझेहुस्नवालेबुलानेलगेहैं
  - Prashant Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy