har ek shaKHs yahaañ be-qaraar milta hai | हर एक शख़्स यहाँ बे-क़रार मिलता है

  - Prashant Kumar
हरएकशख़्सयहाँबे-क़रारमिलताहै
किसीकिसीकोमगरअपनाप्यारमिलताहै
गुज़रजाएकहींधीरे-धीरेउम्रतिरी
मोहब्बतोंमेंबहुतइंतिज़ारमिलताहै
मैंदेखनाहीनहींचाहतातिराचेहरा
तिरीवजहसेमुझेरोज़गारमिलताहै
नौकरीहीलगीमेरीऔरब्याहहुआ
लजारहाहूँयेतानाहज़ारमिलताहै
मैंजानतीहीनहींतुझकोजाननाभीनहीं
तूबे-वजहहीमुझेबार-बारमिलताहै
बहुतसँभालकेरखताहूँकाँचऔरपत्थर
तभीतोदिलकामुझेकारोबारमिलताहै
  - Prashant Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy