jise jannat bataate ho ki kuchh din ka thik | जिसे जन्नत बताते हो कि कुछ दिन का ठिकाना है

  - Prashant Kumar
जिसेजन्नतबतातेहोकिकुछदिनकाठिकानाहै
जहाँसेजानेवालोंकोजहाँमेंलौटआनाहै
अरेहमदममिरीछोड़ोतुमअपनेबारेमेंसोचो
तुम्हींदुनियामेंतन्हाहोमिरेपीछेज़मानाहै
तुम्हारीऔरमेरीदुनियादुनियासेअलगहोगी
तुम्हेंआकरमिरीदुनियामेंदुनियाभूलजानाहै
मोहब्बतमेंनहींमालूमक्याकबकौनहोजाए
मोहब्बतकरनेसेपहलेसभीकोआज़मानाहै
अभीतोबसउछालाहैतुम्हारानामदुनियामें
अभीहमकोइधरदेखोतमाशाभीबनानाहै
  - Prashant Kumar
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