मिरेउस्तादने'इल्म-ओ-हुनरऐसासिखायाहै
करमअहलएख़िरदकाइकग़ज़लमेंहीसुनायाहै
तिरेएहसानकीकोईज़रूरतहीनहींहमदम
मुझेमाँ-बापनेपहलेसेइसकाबिलबनायाहै
सिवागर्दाकेपत्थरकेमिरेआँगनमेंथाहीक्या
ग़रीबोंकीदु'आओंनेहीमेराघरचलायाहै
बताओक्यूँनबेचूसाँसख़ातिरइनग़रीबोंकी
मिरीहरसाँसकाख़र्चाइन्होंनेहीउठायाहै
कोईभूखानहींआयाकभीदरसेग़रीबोंके
इन्होंनेअपनेआगेकानिवालाभीखिलायाहै