ki chhed aasmaañ men banaa dooñga main | कि छेद आसमाँ में बना दूँगा मैं

  - Prashant Kumar
किछेदआसमाँमेंबनादूँगामैं
ज़मींकहकशाँसबमिटादूँगामैं
हक़ीक़तबयाँकररहीजोज़बाँ
उसेजानदेकरबचादूँगामैं
भिकारीनहींहैंयेइंसानहैं
कलेजेमेंइनसबकोजादूँगामैं
अगरसाँसचलतीरहीज़िंदगी
तिराक़र्ज़भीफिरचुकादूँगामैं
मिरीख़ुद-कुशीमेंजोशामिलरहा
उसेज़िंदगी-भरदु'आदूँगामैं
ग़रीबीमेंक्याचीज़हैभूखप्यास
वज़ीर-ए-ग़िज़ाकोबतादूँगामैं
पढ़ाईलिखाईमेंकुछभीनहीं
सभीडिग्रियाँख़ुदजलादूँगामैं
  - Prashant Kumar
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