nigaahen milengi phir iqaar hogaa | निगाहें मिलेंगी फिर इक़रार होगा

  - Prashant Kumar
निगाहेंमिलेंगीफिरइक़रारहोगा
कहाँजारहेआजइतवारहोगा
निगाहोंनिगाहोंमेंहरबातहोगी
किसीसेकिसीकोअगरप्यारहोगा
इधरबातहक़कीकभीभीकरना
मिरेसाथतूभीगिरफ़्तारहोगा
मोहब्बतकाजितनीदफ़ाज़िक्रहोगा
तिरीआँखमेंअश्कहरबारहोगा
अरेअबमिलनाइधरचुपकेचुपके
वगरनामुक़दमाभीहरबारहोगा
  - Prashant Kumar
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