agar teri aankhoñ men gulfaam hota | अगर तेरी आँखों में गुलफ़ाम होता

  - Prashant Kumar
अगरतेरीआँखोंमेंगुलफ़ामहोता
बहुतख़ूब-सूरततिरानामहोता
अगरतेरेलबपरमिरानामहोता
मिरेसाथतूभीतोबदनामहोता
अगरइश्क़एहसासदिलकाहोता
तोफिरइसकाभीकुछकुछदामहोता
भुलाकरमुझेतूनेअच्छाकियाहै
तिरेसरपेमेराहरइल्ज़ामहोता
अगरछतपेआकरकेतूरोज़सोती
तोबाम-ए-फ़लकपरमिराकामहोता
मुझेदेखकरमुस्कुरातेतोदिलको
अरेकमसेकमकुछतोआरामहोता
कोईछेड़देतामोहब्बतकाचर्चा
फिरआसानसमझोमिराकामहोता
  - Prashant Kumar
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