ham tiri bazm saja kar ke chale jaayenge | हम तिरी बज़्म सजा कर के चले जाएँगे

  - Prashant Kumar
हमतिरीबज़्मसजाकरकेचलेजाएँगे
हादिसाकोईसुनाकरकेचलेजाएँगे
चीज़तोकोईख़रीदेगानहींतेरीअब
हमभीबसदामलगाकरकेचलेजाएँगे
रातमेंउठकेज़रादेखलियाकरखिड़की
अबकीसूराख़बनाकरकेचलेजाएँगे
यारबसएकदफ़ाऔरहटादेपर्दा
होंटसेहोंटछुआकरकेचलेजाएँगे
सोचतेहैंतिराहीज़िक्रछिड़ेफिरहमभी
क्याहक़ीक़तहैबताकरकेचलेजाएँगे
तूहमेंरातमेंआनेकीइजाज़ततोदे
गालपरहाथफिराकरकेचलेजाएँगे
वोकहेयाकहेअबहमेंअपनालेकिन
हमउसेजानबताकरकेचलेजाएँगे
हुस्नवालोकिमुहब्बतसेबुलाकरदेखो
तुमपेतोजानलुटाकरकेचलेजाएँगे
  - Prashant Kumar
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